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धरमजयगढ़- कृषि बाहुल्य क्षेत्र धरमजयगढ़ में पशुपालकों द्वारा मवेशियों को खुले में छोड़ दिए जाने से किसानों की चिंता बढ़ती जा रही है। नगर सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में खेतों में लगी धान, मक्का और सब्जियों की फसल को खुले मवेशियों से नुकसान पहुंचने का खतरा बना हुआ है।
किसानों के सामने पहले से ही हाथियों के आतंक और जंगली सुअरों के प्रकोप जैसी चुनौतियां हैं। ऐसे में खुले में घूम रहे मवेशी किसानों के लिए एक और बड़ी समस्या बनते जा रहे हैं। खेतों में घुसने वाले मवेशियों के कारण खड़ी फसल चौपट होने की आशंका बनी रहती है।
नगर के प्रमुख मार्गों पर भी खुले मवेशियों का जमावड़ा देखा जा रहा है। खरसिया–पत्थलगांव और रायगढ़–पत्थलगांव मुख्य मार्ग पर बड़ी संख्या में मवेशी सड़क पर बैठे या घूमते नजर आते हैं। इससे वाहन चालकों के सामने दुर्घटना का खतरा बना रहता है। अचानक सड़क पर मवेशियों के आने से कभी भी गंभीर हादसा हो सकता है।
स्थानीय स्तर पर नगर के भीतर बनाए गए कांजी तीन हाउस वर्तमान में अतिक्रमण की समस्या से प्रभावित बताए जा रहे हैं। वहीं नगर पंचायत क्षेत्र में गोधाम अथवा गोठान की प्रभावी व्यवस्था नहीं होने से खुले मवेशियों की समस्या और बढ़ती दिखाई दे रही है।
फसल की सुरक्षा और मवेशियों को दुर्घटनाओं से बचाने के लिए नगर पंचायत को ‘रोका-छेका’ व्यवस्था को प्रभावी रूप से पुनः शुरू करना चाहिए। साथ ही अतिक्रमण की चपेट में आए कांजी हाउस को मुक्त कराकर उनका दोबारा उपयोग शुरू किया जाना चाहिए।
सुरक्षा के लिए जिम्मेदार विभागों को समय रहते ठोस कदम उठाने की जरूरत है। यदि खुले मवेशियों पर नियंत्रण नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में किसानों को फसल नुकसान के साथ-साथ सड़क दुर्घटनाओं का भी सामना करना पड़ सकता है।
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