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धरमजयगढ़- नगर पंचायत धरमजयगढ़ में वेदांता की सीएसआर मद से निर्मित दुकान परिसर के ऊपर प्रथम तल निर्माण को लेकर अब विवाद गहराता नजर आ रहा है। वर्तमान नगर पंचायत के पार्षदों द्वारा प्रथम तल निर्माण कार्य को निरस्त करने तथा नगर पंचायत के माध्यम से प्रथम तल का निर्माण कराकर खुली नीलामी की प्रक्रिया अपनाने की मांग की गई है। इस संबंध में पार्षदों ने मुख्य नगर पालिका अधिकारी को 8 सितंबर को हस्ताक्षरित आवेदन सौंपा है।
बताया जाता है कि बस स्टैंड से लगे नगर पंचायत कार्यालय-सह-दुकान परिसर का पुराना भवन खपरैल का था और काफी जीर्ण-शीर्ण स्थिति में पहुंच चुका था। नगर की सौंदर्यता एवं व्यवस्थित विकास को ध्यान में रखते हुए पुराने भवन को डिस्मेंटल कर नए कॉम्प्लेक्स का निर्माण कराया गया। इसके बाद वेदांता की कोल कंपनी द्वारा सीएसआर मद से उक्त परिसर में पूर्व की 8 दुकानों के स्थान पर 16 दुकानों का निर्माण कराया गया और वर्ष 2012 में इसे नगर पंचायत को हैंडओवर किया गया।
जानकारी के अनुसार करीब 80 लाख रुपये की लागत से निर्मित इस कॉम्प्लेक्स में दुकानदारों से निर्माण व्यय के रूप में प्रति दुकान लगभग 3.82 लाख रुपये की राशि नगर पंचायत द्वारा वसूल की गई थी। वहीं शेष दुकानों को खुली नीलामी के माध्यम से आवंटित किए जाने से नगर पंचायत को बड़ी राशि राजस्व के रूप में प्राप्त हुई।
अब विवाद परिसर की दुकानों के ऊपर प्रथम तल निर्माण को लेकर सामने आया है। पार्षदों का आरोप है कि कुछ दुकानों के प्रथम तल को नीचे के दुकानदारों को शासन के नियमों के विपरीत सामान्य राशि लेकर आवंटित किए जाने की बात सामने आ रही है। कुछ स्थानों पर निर्माण किए जाने की भी जानकारी है, जबकि अन्य दुकानदार भी प्रथम तल निर्माण की तैयारी में बताए जा रहे हैं।
पार्षदों का कहना है कि नगर के हृदय स्थल में स्थित इन दुकानों के ऊपर प्रथम तल का निर्माण यदि नगर पंचायत स्वयं कराकर खुली नीलामी के माध्यम से आवंटित करती, तो नगर पंचायत को बड़ी मात्रा में अतिरिक्त राजस्व प्राप्त हो सकता था।
इसी को लेकर पार्षदों ने प्रथम तल निर्माण की वर्तमान प्रक्रिया को निरस्त करने और नगर पंचायत के माध्यम से निर्माण कराकर पारदर्शी तरीके से खुली नीलामी कराने की मांग की है।
पार्षदों के आवेदन के बाद अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि नगर पंचायत प्रशासन प्रथम तल निर्माण और आवंटन से संबंधित नियमों, अनुमति एवं पूरी प्रक्रिया की जांच कर क्या निर्णय लेता है।
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