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धरमजयगढ़ - सरकार विकास को गति देने व शासन की योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए छोटे-छोटे जिलों का निर्माण किया जाता है। छ.ग. म०प्र० से अलग होते समय 08 जिला हुआ करता था आज 33 जिला हो गया। ठीक उसी प्रकार विद्युत उपभोक्ताओं को विद्युत व्यवस्था बेहतर करने कई 132 के. वी . व 220 के. वी . का निर्माण किया जा रहा है तथा बढ़ते उपभोक्ताओं के कारण कई नई डिवीजन कार्यालय स्थापित किया गया है। जिसमें धरमजयगढ़ को भी सरकार द्वारा मई 2026 में डिवीजन कार्यालय घोषित किया गया है।
धरमजयगढ़, लैलूंगा, घरघोड़ा पहले रायगढ़ डिवीजन में आता था सरकार द्वारा धरमजयगढ़ नया डिवीजन बनाते ही घरघोड़ा, धरमजयगढ़, लैलूंगा को अलग कर दिया। धरमजयगढ़ डिवीजन में तीनों ब्लाकों के कुल 19 सब स्टेशन सम्मिलित किया गया है। घरघोड़ा ब्लाक के कोटरीमाल, तमनार , डोलनारा , धौरामाठा, छर्राटांगर , कुड़ेकेला , एवं लैलूंगा ब्लॉक में राजपुर, लैलूंगा, केसला, लारीपानी, घटगांव तथा धरमजयगढ़ ब्लाक में - धरमजयगढ़, हाथी गाड़ा, खम्हार, कापू, चरखापारा , सिसरिंगा, हाटी, खड़गांव, आमापाली सब स्टेशन सम्मिलित है। इन तीनों ब्लाकों में बी.पी.एल, सरकारी , घरेलू, गैर घरेलू, नल जल एवं पंप कनेक्शनों की संख्या लगभग 78,000 है। जिसमें धरमजयगढ़ में 32,000 हजार, लैलूंगा में 21108, और घरघोड़ा में 23795 उपभोक्ता हैं। इन सब स्टेशनों के संचालित करने 08 सब इंजीनियर, 13 सहायक अभियंता तथा 01 डिवीजन अधिकारी (कार्यपालन अभियंता) कार्यरत हैं।
धरमजयगढ़ कोल माइंस एरिया होने के कारण व रेल लाईन का जाल बिछाए दिखाए जाने पर विद्युत की आवश्यकता को पूर्ति के लिए सरकार द्वारा 132 के. वी. सब स्टेशन व 220 के.वी. सब स्टेशन के घोषणा कर चुकी है। 132 के.वी. के लिए भंवरखोल (धरमजयगढ़) तथा 220 के. वी. के लिए हाटी (धरमजयगढ़) में स्थल चयन कर सरकार को भेजा जा चुका है। बजट जारी होते ही निर्माण कार्य में गति आएगा ।
आए दिन धर्मजयगढ़ के विद्युत उपभोक्ताओं को विद्युत की आंखमिचौली लो वोल्टेज से परेशान होते रहते है। भले ही सब डिवीजन बनने व 132, 220 के.वी. निर्माण कंपनी की सुविधाओं के लिए तैयार होना है। परंतु इससे आम उपभोक्ताओं को विद्युत की समस्याओं से निजात मिल जायेगा ।
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