धरमजयगढ़- DRCC की बैठक 21 अगस्त को आयोजित होने के बावजूद अब तक बैठक की मिनट्स रिपोर्ट सामने नहीं आने और इसके बीच जमीनों का सर्वे कराए जाने को लेकर प्रभावित ग्रामीणों में नाराजगी देखने को मिल रही है। इसी मामले को लेकर पूर्व पार्षद रविंद्र राय के नेतृत्व प्रभावित ग्रामीण संबंधित अधिकारियों से अपनी आपत्ति दर्ज कराने पहुंचे।
पूर्व पार्षद रविंद्र राय से बातचीत में उन्होंने बताया कि 21 अगस्त को DRCC की बैठक हो चुकी है, लेकिन अभी तक बैठक की मिनट्स रिपोर्ट नहीं आई है। इसके बावजूद सर्वे का काम कराया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि जब बैठक में लिए गए निर्णयों की आधिकारिक रिपोर्ट ही सामने नहीं आई है, तो सर्वे की प्रक्रिया किस आधार पर आगे बढ़ाई जा रही है, यह स्पष्ट किया जाना चाहिए।
इस दौरान मामले को लेकर ग्रामीणों के बीच कथित तौर पर दो गुट होने की बात भी सामने आई। इस पर रविंद्र राय ने स्पष्ट किया कि ग्रामीणों के बीच कोई दो गुट नहीं हैं। उन्होंने कहा कि आंदोलन या विरोध के तरीकों में अंतर हो सकता है, लेकिन उद्देश्य सभी का एक ही है—अपनी जमीन बचाना।
रविंद्र राय ने कहा कि, “हमारे बीच कोई दो गुट नहीं हैं। एक तरीका सख्त हो सकता है और दूसरा नरम, लेकिन सभी अपने-अपने तरीके से जमीन बचाने की लड़ाई लड़ रहे हैं। हम नियम के तहत लड़ाई लड़ेंगे।”
अब बड़ा सवाल यह है कि जब 21 अगस्त की DRCC बैठक की मिनट्स रिपोर्ट अभी तक सार्वजनिक नहीं हुई है, तो उसके पहले या उसके आधार पर सर्वे की प्रक्रिया क्यों आगे बढ़ाई जा रही है? प्रभावित ग्रामीणों की मांग है कि पहले बैठक में लिए गए निर्णयों को स्पष्ट किया जाए और उसके बाद ही आगे की कार्रवाई की जाए।
ग्रामीणों का कहना है कि जमीन से जुड़ा मामला उनके भविष्य और आजीविका से जुड़ा है, इसलिए किसी भी प्रक्रिया में पारदर्शिता और प्रभावित परिवारों की सहमति को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
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